देखे तेज बहादुर यादव की मौत का viral सच!कोण फैला रहा है ये खबर ?
पाकिस्तान से आयी तेज बहादुर यादव की मौत की
खबर का वास्तविक सच !!
देखे और शेयर करे सच !!सोशल मीडिया पर ये खबर है आग की तरह फैली है जिसके अनुसार एक
फोटो जो इन दिनों viral हो रहा है बताया
जा रहा है की जिस बीएसएफ जवान ने खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाया कर सोशल मीडिया पर शेयर कर चर्चा में आये थे ?
जब हमने इस पुरे मामले का सच जानने की कोशिश की
तो हमे पता चला ये खबर पूरी तरह झूटी है और इस फोटो में दिखाई दे रहे जवान एक अन्य शहीद है जो की 11 मार्च को छत्तीसगढ़ में शहीद हुए है
इस पुरे मामले में अब बीएसएफ
ने बताया है की जो फोटो सोशल मीडिया पर
जवान तेज बहादुर यादव की बताई जा रही है वो गलत है. और तेज बहादुर यादव पूरी तरह
स्वस्थ हैं.
कोण फैला रहा है ये तेज
बहादुर यादव की मौत की खबर
नीचे तस्वीर में आप साफ तोर पर देख सकते है ये वो पाक का ट्वीटर अकाउंट है जिससे ये फोटो
शेयर हुवा है
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2:34 am
एक ही नंबर के पुराने नोट का सच ?
एक ही नंबर के
पुराने नोट का सच ?
नोटबंदी के बाद
जब देश के बैंक में जमा होने वाली नगदी अपने तय आकडे के करीब पहुचने लगी तो कुछ
राजनेतिक पार्टियों ने इस कालेधन की मुहिम को फ़ैल करार कर दिया और कहा जाने लगा की
सरकार को अपने इस फैसले से कुछ भी हाथ नहीं लगा और देश का काला धन को अन्य दुसरे तरीको से सफ़ेद कर लिया गया है
कांग्रेस इस मूद्दे पर सरकार को घेर रही थी तभी
अब जो सामने आया वो कांग्रेस की खामी को उजागर करता है हम बात कर रहे है सोशल मीडिया में वायरल हुए एक ही नंबर के कई पुराने नोट!!
एक ही नंबर के पुराने नोट का सच ?
दरअसल अब कुछ पुराने नोट जो की
एक ही नंबर के 2 नोट सामने आ रहे है ऐसी कई अलग अलग नोटों की तस्वीरे सामने आ रही
है जिसके आधार पर ये आरोप लगाया जा रहा है की कांग्रेस ने अपने राज में एक ही नंबर
के 2 नोट बनाये जिससे देश की अर्थ व्यवस्था ख़राब हुयी और इस तरह के नोट की ही वजह
से देश का काला धन सामने नहीं आ पाया
सोशल मीडिया में वायरल हुए एक
ही नंबर के कई पुराने नोट का सच क्या है ???
हालाकि एक ही नंबर के 2 नोट के सच की
बात की जाये तो इन फोटो को देख कर इस मामले के
बारे में कुछ भी सच बया नहीं किया जा सकता जब तक
वास्तविकता में ऐसे नोट हमारे सामने ना हो ..और रही बात इन नोटों के एक से नंबर
वाली फोटो के वो बनाना तो बहुत ही आसान है
और अगर ऐसा नहीं
हुवा तो सरकार अपने काले धन को पकड़ने में फ़ैल हो गई और पुरे इस मामले को दबा कर
देश को कैशलेस की और ले जाना जनता का
ध्यान भटका कर बैंक मे केश की कमी को बताता है
और कुछ गिने चुने बैंक कर्मियों के इस काले धन को सफ़ेद
करने में सहयोगी माना जा सकता है
पर अगर एक
ही नंबर के 2 नोट वाकई छापे गए थे तो ये वाकई एक बड़े खुलासे की और संकेत करते है
और सोशल मीडिया में
वायरल हुए एक ही नंबर के कई पुराने नोट जो की जल्द ही हमारे सामने होगा !!
12:41 am
नोटों में चिप नहीं तो क्या ये है वजह इनके पकडे जाने की ??
नोटों में चिप नहीं तो क्या ये
है वजह इनके पकडे जाने की 💀 ??
नोट बंदी के बाद से ही अब देश में ही हर दिन नये
नोटों के साथ बड़ी मात्रा में नोट हर दिन कही ना कही पकडे जाने की खबर के बाद से ये कयास लगाये जा रहे है की ऐसा क्या
है इन नये नोटों में जो इनके रखे होने की
खबर देश में IT विभाग को लग जाती है
जैसा की पहले ही RBI ने ये खुलासा कर दिया है की नये
नोटों में कोई चिप नहीं है फिर ये सवाल
आता है इतनी बड़ी मात्रा में बाथरूम में छुपे सीक्रेट रूम तक में रखे नोट के पते
चलने के पीछे जरुर कोई ना कोई वजह होगी जिससे इनका पता चल रहा है
जब हमने इनकम टैक्स के इस तरह पकडे जाने वाले
घोटालेबाज के बारे में जानने की कोशिश की ऐसा पता चला की इन नये नोटों में कोई चिप तो नहीं पर हा रेडियो एक्टिव इंक जरुर
है जो की दुनिया के और भी बहुत से देशो में प्रयोग होता है दरअसल ये खबर देने वाली वेबसाइट्स का कहना है
की ये रेडियोएक्टिव स्याही का प्रयोग
इंडिकेटर के रूप में किया जाता है। जिससे इनके रखे होने का पता चल जाता है वो भी तब जब ये
एक ही जगह पर बहुत आधिक मात्रा में रखा हुवा हो मतलब की बड़ी मात्रा में एक ही जगह पर रखे हुए
नोटों को ये इंडिकेट करता है
ध्यान रहे -ये रेडियो एक्टिव इंक से जुडी जानकारी कितनी सही है ये तो अभी कह पाना मुश्किल है पर हा इनसे ये अनुमान जरुर लगाया जा सकता है की
जल्द ही इसकी आधिकारिक पुष्टि RBI कर सकता है की इन नये नोटों में ऐसा कुछ अगर है तो
नोट में रेडियोएक्टिव स्याही नहीं है -हालाकि एक हिंदी न्यूज़ पोर्टल ने इस बात को पूरी तरह
नकारा है जो की उन्होंने न्यूक्लियर साइंटिस्ट से इस विषय में राय लेने के बाद कहा है की नोटों में कोई भी रेडियोएक्टिव
स्याही लगे होना पूरी तरह झूट है



